Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories harjankari

Shayr

   Khani  2018 Gyan bhari kahani hindi Stories harjankari

कहानी 2018 ज्ञान भरी  बहत पुराणी है किसी गाव में एक सहनी परिवार रहता था जिसका नाम राजन था उसकी एक बहन

थी राजन पढने में बहुत तेज था वह स्कूल से पढ़कर आता तो अपने गाय को खिलता और फिर शाम

को पढने लगता  अक्सर उनके पिताजी राजन के माँ से कहते राजन पढने में अच्छा नहीं है |यानि राजन कोAdinational

बढ़ावा नहीं देते थे राजन ये बाते सुनकर घुसा होता था की पढने में कमजोर नहीं हु और पढ़कर आता हु तो घर

का सारा काम करता हु फिर भी पिताजी कहते है की पढने में अच्छा नहीं हु ये सब बाते सोचा

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कहानी एक बंदर की ज्ञान से भरपूर 

 

कहानी राजन की मनसापाप ज्ञान की कहानी 

कहानी 2018   और अपने पिताजी को मारने की मन में सोचा की ना रहेगे ना कहेंगे उसने एक कटार में धार लगाकर रखा दिया और सोचा की रात को सोते समय मार दूंगा यही बात उसने सोची जब रात को खाना खाते समय राजन की माँ बोली की आप एसा क्यों कहते है |कहानी 2018 ज्ञान भरी  की राजन पढने में अच्छा नहीं है वो तो पढने में बहुत अच्छा है |उसके पिताजी ने कहा हां पढने में ठीक है |लेकिन लड़के को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जिसके कारण वो अपने पढ़ाई में ध्यान कम कर देगा इसलिए हम कहते रहते है |वो और भी मन लगाकर पढ़े इसलिए मै कहता हु ये सब बाते राजन सुन रहा था सारी बाते सुनाने के बाद राजन सोचने लगा की पिताजी मेरे खातिर कहते है |और मैउन्हें मारने चला था वह रात भर यही सोचता रहा की ये पाप कैसे कटेगा ज्ञान भरी कहानी

कहानी सुबह होने के बाद राजन

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 Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories

सुबह होते ही राजन अपने पिटा जी से पुच्छा अगर किसी को ननसापाप लग जायेव तो कैसे कटेगा उसके पिताजी

बोले ये बाते तुम क्यों पूछ रहे हो कही तुम्हे तो नहीं लगी है |राजन बोला अगर कभी लग जाए Adinational

तो काम आयेगा उसके पिताजी बोले ससुरारी में 1 साल बकरी चराना से मनसापाप कट जाता है |फिर राजन बोला पिताजी हमें मनसापाप लगा है |और हमें ससुरारी बकरी चराना होगा उसने अपने सुसुरारी चल दिया और वहा जाकर बकरी चराने लगा राजान को छे महीने बित गए एक दिन राजन की पत्नी राजन से बोली आप तो याहा बकरी चरा रहे है| हमें खर्चा दीजिये फिर राजन बोला एक सादा पन्ना लेकर आओ उसकी पत्नी ने पन्ना लेकर आई उसने चार बात लिखा बहन है बनला पर के ,पिता है धन्लोभी , माँ है ममता की मूरत, दोस्त है सच्चा ये चार बाते लिखकर लिफ़ाफ़े में बंद कर दिया और बोला चन्दन पुर राजा के नगर में चले जाओ वही बेच देना इसका मूल्य 1 लाख रूपये रखा  कहानी 2018 ज्ञान भरी 

 

 Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories चन्दन पुर राजा के याहा जाने पर 

चंदनपुर राजा का नियम था जो भी उनके बाजार में सामान बेचता था और उसका सामान नहीं बिकता था

तो राजा उस सामान को खरीद लेते थे यानि उस बाजार से कोई सामान लौटा कर नहीं ले जाता था

उसी बाजार में राजन ने भेजा उनकी पत्नी बाजार में बैठी थी कोई पूछता की इसका दाम कितना है|1 लाख बताती थी कोई नहीं खरीदा शाम होने को आई सभी लोग जाने राजा के लड़के ने बाजार में आया उसने देखा की एक औरत की सामान रह गई है |उसने पूछा इसका दाम बताओ उसने दाम बताया राजा के लड़के ने धोड़ी देर सोचा की इस चिठ्ठी में क्या है |जो एक लाख रूपये कह रही है |अगर नहीं खरीदता हु मेरे पिताजी का अपमान होगा यह सोचकर चिठ्ठी को खरीद ली सैनिको ने राजा से यह बात बताई यह बात सुनकर राजा बहुत घुसा हुए और आने के इन्तजार करने लगे लड़के को आते ही राजा बोले तुम मेरे घर से निकल जाओ लाख मनाने के बाद भी राजा ने नहीं माना घर से निकाल दिया जाते समय उसकी माँ ने दो लाल उसके कपडे में बाँध दिए हमें दुसरो की मदद क्यों करनी चाहिए 

 

घर से कुछ दूर जाने के बाद Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories

कुछ दूर जाने के बाद उसको प्यास लगी उसने एक स्तान पर बैठकर गढ़री खोला तो उसमे मिठाइया और दो

लाल देखा तब उसने चिठ्ठी को खोलकर देखा तो उसमे लिखा था माँ है ममता की मूरत ,पिता है धनलोभी KAHANI

जो चिठ्ठी में लिखा था सभी पढ़ा फिर बोला एक बात तो सच निकली की मैंने एक चिठ्ठी खरीद ली तो पिताजी ने घर से निकाल दिया और माँ ने आते समय मेरे लिए दो लाल बाँध दिया की मेरे लाल को कोई दिक्त परेसानी न हो दूसरी बात को लेकर अपने बहन के घर चल दिए जब अपने बहन के गाव पहुचे तो कुछ लोगो ने जाकर बोला की रानी आपकी भाई आये है उसने घर के दरवाजे से देखा तो एक भिखमंगे की तरह दिख रहे थे रानी ने उसके लिए सूखे रोटी खाने के लिए भेजा और उसको अन्दर नहीं बुलाया और ना समाचार पूछा यह बात भी सच निकली वहा से मन मार कर चल दिए फिर अपने दोस्त के पास जाने लगा हेलो देखता हु की दोस्त हमें पहचानता है की नहीं  Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories

 

दोस्त के पास जाने बाद

दोस्त के पहुचे तो उसके दोस्त घर पर नहीं थे उसने अपनी पत्नी से बताया था अपने दोस्त के

बारे में और बोला त५हा की कभी भी मेरा दोस्त आये तो उसे जो सम्मान हमें मिलता है |उतनी

आदर भी करना दोस्त को घर आने बाद उसके दोस्त की पत्नी आदर सत्कार किया जब रात हुवा तो खाना खाने के बाद सोने के समय दोनों एक ही बिस्टर पर सोये सोते समय पह्रादारो ने देखा था सुबह उसके दोस्त आये तो पह्र्दारो ने बोल दिया आपकी पत्नी और आपके दोस्त एक ही बिस्टर पर सोये थे ये बात सुनकर दुखी हुवा लेकिन अपने दोस्त से कुछ नहीं कहा कुछ दिन रहने के बाद राजन बोला दोस्त हम अब आजा चाहते है |सुबह होते ही दोस्त को बिदा किया कहानी ज्ञान भरी 

 

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दोस्त के घर से जाने के बाद

दोस्त के घर से निकल जाने के बाद घूमते -घूमते किसी अन्य राजा के दरबार में चला गया

उस राजा के एक लड़की थी वो लड़की बहुत परेसान रहती थी जिससे उसकी शादी होती और

सुहाग रात के दिन सोने जाते वो सुबह ज़िंदा नहीं बचते थे इस बात को लेकर राजा बहुत परेसान रहता था जिसके चलते उससे कोई शादी करने के लिए कोई राजी नहीं होता था राजन ने इस बात को पूरी अच्छी तरह से पता लगाया तो पता चला की उसके अंदर एक नागिन रहती है |जब निश्चिंत रात के समय वो उसके नाक के द्वारा निकलती है |और जो भी उस कमरे सोता है उसे काट लेती है |जिससे उससे कोई शादी नहीं करना चाहता है |राजा के कहना था की एक रात उसके कमरे में सोना है |सुबह ज़िंदा रहता है तो तुरंत मै शादी कर दूंगा राजन ने बोला मै करूंगा ये काम Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories

 

 

रात को सोते समय  Khani 2018 Gyan bhari kahani hindi Stories

राजन ने सोने से  पहले चार हाँथ का बांस को काटा एक तरफ बॉस में बिल रख दिया दूसरी तरफ

तरफ गाँठ छोड़ दिया यानि दूसरी तरफ से बिल को अच्छी तरह से मुद दिया रात हुवा तो सोने के

गए लड़की दसो गई लेकिन ये जागता रहा और उसके नाक पर देखता रहता की कब निकलती है |जब रात को बारह बजा तब नागिन लड़की के नाक के मुह पर आई आते ही बांस उसके नाक पर लगा दिया नागिन सीधे बांस में घुस गई राजन ने नागिन को मार दिया और निश्चिन्त होकर सो गए सुबह के आठ बज गए लेकिन दोनों में से किसी ने नहीं जागा तब राजा ने बोला दरवाजा तोड दो लोगो ने दरवाजा तोड दिया उसमे देखा  की दोनों आराम से सो रहे है |दोनों को जगाया गया और राजा ने शादी कर दिया राजन कुछ दिन रहने के बाद बोला पिताजी मै अब अपने घर जाना चाहता हु राजा ने कहा आप जब चाहे घर जा सकते है |यह राज तो भी तो आपका है राजा ने दान दहेज देकर बिदा किया ………………………..

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किसी गाव में एक मल्लाह रहता था वह बहुत गरीब था एक दिन खाता तो दुसरे दिन के लिए सोचते रहता था कल के लिए एक दिन की बात है .घर में कुछ खाने के किये कुछ नहीं था उसने अपनी पत्नी से बोला कुछ सामान है.तो लावो उसे बेचकर कुछ खाने के लिए लाऊ उसकी पत्नी ने एक वास्तु लाकर दिया ओर वो मल्लाह उस वास्तु लेकर सोचते हुए चल दिए की इसको बेचकर दाल चावल लेकर

कहानी आउंगा तो आज का काम चल जाएगा इतने में किसी पेड़ से आवाज आई वो मल्लाह इधर आवो ,मल्लाह ने चारो तरफ देखा तो कोई दिखाई नहीं दिया फिर आगे बढ़ने लगा फिर आवाज आई वो मल्लाह इधर आवो मल्लाह ने देखा पीपल के पेड़ पर तिनडंडी महाराज बैठे हुए आवाज लगा रहे है . उसने पेड़ के पास जाकर नमस्कार किया और बोला क्या है .बाबा क्यों हमें पुकार रहे है.तिनडंडी महाराज बोले तुम बाजार जा रहे हो मल्लाह बोला हां मै बाजार जा रहा हु तिनडंडी महाराज बोले पीपल के खोदले में दिन पैसा है.उसे उठा लो और प्रासाद लेकर आना +

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