Gyan Bhari Kahani kahaniya kamal kare जो जिन्दगी बदल दे

Shayr

Gyan Bhari Kahani kahaniya kamal kare जो जिन्दगी बदल दे

Gyan Bhari Kahani kahaniya kamal kare जो जिन्दगी बदल दे

ज्ञान भरी कहानी जो आपकी जिन्दगी को आगे बढ़ने में बहुत कारगर हो सकता है. जब हम किसी काम को

पूरा न होने से हम ये सोचने लगते है.ये काम हमेंसे नहीं होने वाला है. तो वैसे में ये कहानी आपको अपने

काम को पूरा करने के लिए सिख देती है. और हमें कहानिया पढनी चाहिए क्योकि हर कहानी से हमें

कुछ न कुछ सिखने को मिलता है. किसी ने सच ही कहा है.हीरा कीचड़ में गिर जाने से उसका गुड

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गुड कम नहीं हो जाता है| एक बंदर की कहानी ये भी जरुर पढ़े 

kahani ghar ghar ki
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जिनगी में हर पल सभ कोई साथ नहीं देता है Gyan Bhari Kahani

ताजपुर गाव में एक इंसान रहता था जिसका नाम राजू था उसके परिवार में माता ,पिताजी , भाई ,बहन रहते

थे उनका विजनेश किसी और जगह था इसलिए गाव में नहीं रहते थे चुकंदर खाने के फायदे 

किसी भी चीज की कमी नहीं थी वो उनका विजनेस दिल्ल्ही में था और सभी परिवार को लेकर वही रहते थे

उनके चार -चार कंपनिया भी चलती थी या कहे तो किसी भी वास्तु की कमी नहीं थी .

 

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एक दिन की बात है.भाई के शादी के लिए लड़की देखने के लिए सभी परिवार जा रहे थे.Adinationa

अचानक किसी गाडीसे टकरा गई जिमसे सभी लोग घायल हो गए उसमे से किसी को बचने की संभावना नहीं

थी सभी को अपताल में भारती कराया गया उनलोगों को लगभग छे महीने तक अस्पताल में ही रहना पडा जब अस्पताल

से घर गए तब तक उनके कंपनी में काम करनेवाले मनेजर थे कंपनी को बहुत सारा घाटा बताया जिसके

चलते बैंक से जो पैसा लिया था वह भी नहीं भरा गया था एसा दिन आ गया जिससे एक -एक टैपटप फास्ट कैसे करे 

कर के सभी कंपनी को बेचकर कर्जा चुकाना पडा उसके बाद अपने गाव चले आये गाव पर जमीन की कमी नहीं थी जो उसने

 

घर आने के बाद

HINDI KAHANI
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अपने मेहनत से पैसा कमाया था और उससे जो जमींन खरीदी थी उसमे से कुछ जमीन बेचकर घर बनाकर रहने लगे

लेकिन मन ही मन सोचने लगे की नहीं जो मैंने कंपनी बेचीं है.उसमे से कम से कम एक को खरीदूंगा .

उसके मन में यही बाते चल रही थी  कुछ दिन गाव में रहने के बाद फिर चल दिए काम करने के लिए

उसने एक कंपनी में काम करने लिए उस कंपनी के मालिक से  कहा उस कंपनी के मालिक बोला

तुम्हे काम तो मिल जाएगा लेकिन लैपटप फस्र्ट कैसे रखे 

पंद्रह हजार रूपये महीने मिलेगा फिर राजू ने कहा सेठ मै तिस हजार रूपए की मांग करता हु उसके बदले जो

 

प्रोजेक्ट एक साल में पूरा होता है उस काम को छे महीने में पूरा करूंगा अगर नहीं कर पाया तो

मै एक रूपये नहीं लूंगा उसने एक शर्त लगा ली क्योकि वो इसके पहले किसी कंपनी का मालिक था और

सभी कामो का जानता था . अपने नाम का राशन कार्ड कैसे देखे 

था इसलिए एसा किया उसने छे महीने दिन रात मेहनत कर के उस प्रोजेक्ट को पूरा किया यह काम देखकर

उस कंपनी का मालिक बहुत खुस हुआ और उसके  महीने को तिस हजार रूपये से 60 हजार रूपये कर दिया

Gyan Bhari Kahani kahaniya kamal kare उस कंपनी में एक साल बीतने के बाद 

उसका नाम था राज राज ने दुसरे से प्रोजेक्ट को पूरा करने केलिए अपने दोस्त पहलु के पास गया और बोला यार हमने एक

प्रोजेक्ट की तयारी की है. कोई अच्छा कारीगर है.तो बताओ राज के साथ राजू गया था वह नहीं जानता था की किस काम से

राज यहाँ आये है. पहलु राजू का दोस्त रह चुका था और वह जानता था की राजू क्या है. Adinational

सभी बाते सुनने के बाद पहलु बोला तुम्हारे पास जो बैठा है.उसे जानते हो वो कौन है.इससे अच्छा तुम्हे अच्छा कारीगर

 

तुम्हे कहा मिलेगा सभी बाते जानने के बाद राज ने उसे उसकी तनखाह लाखो में कर दी और

प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिय दे दिया राजू ने अपने जिनगी में काम को लेकर हार नहीं मानी अपने

चार कंपनी बेची थी लेकिन एक को खरीद लिया उसके बाद फिर से अपनी कंपनी को चालु कर दिय

दोस्तों इस कहानी से आपकों क्या सिख मिली हमें कमेंट कर के जरुर बताये अगर ये पोस्ट आपको पसंद आया

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बहुत बहुत धन्यबाद इससे भी अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करे

आपका दोस्त रमाकांत सहनी

 

ज्ञानभरी कहानी ज्ञान के कहानी 

किसी तालाब में सउरा -सौरी रहते थे उनका समय मजे से कट रहा था गर्मी के दिन आने लगा जिससे

तालाब का पानी सूखने लगा सौरा ने बोला अब यहाँ ज्यदा दिन तक नहीं रह सकते है |तालाब का पानी सुख रहा है |

हमें यहाँ से किसी और जगह चलना होगा नहीं तो फास जाएगा इसी तालाब में सौरी बोली नहीं हम यहाँ

से कही नहीं जायेगे अगर आपको जाना है तो आप जा सकते है |लाख समझाने पर भी नहीं मानी वह

निरास होकर चल दिया वो इसलिए जाने से मना कर दिया की उस तालाब में खाने के कमी नहीं थी

लेकिन वो इस बात को नहीं समझ रही थी की पानी सूखने के बाद हम कहा जाउंगी वो अपने मग्न में थी इस तरह का

कहा मिलेगा सउरा मन मरकर चल दिया

 

ज्ञान भरी कहानी सउरा को जाने के बाद  

सउरा किसी दूसरी जगह चला गया इसमें एक बात छुपा है |जो भी हम से बड़े है |वो हमारे बारे

में कुछ कहते है |तो कुछ लोगो को बुरा लगता है |या या कोई उस बात पर ध्यान नहीं देता है |जबकि वो

हमें ज्ञान देने की कोशिश करते है |आप के भलाई के लिए . इधर जिस तालाब में सउरी रहती थी .

उस तालाब का पानी सूखने लगा और थोड़ा सा पानी रह गया तब सउरी घबरा गई और सोचने लगी की

कास मै अपने स्वामी की बात मानकर उनके साथ चली गई होती तो आज ये दिन तो नहीं देखना पड़ता

पानी इतना सुख गया .तब तक एक कौवे की नजर पड़ी उस पर कौवे ने आकर चोच मारने लगा और उसके

पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था |तब उसे आह आने लगी की ये मैंने आपकी बात न मानकर बहुत बड़ी गलती है |

……….

 

 

 

 

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