Sulekha prem kahani new part 1 सुलेखा प्रेम कहानी न्यू पार्ट वन

Sulekha prem kahani new part 1 सुलेखा प्रेम कहानी न्यू पार्ट वन


सुलेखा प्रेम कहानी न्यू पार्ट वन   दोस्तों हमारा बपचन से कहानी पढने और लिखने का बहुत शौख रहा है.

हमने बहुत सारी कहानिया पढ़ी है. हमें दुसरो की मदद क्यों करनी चाहिए ये भी पढ़े 

हर कहानी से कुछ न कुछ ज्ञान मिलता ही है. आज से हमने इस पोस्ट में एक प्रेम कहानी लिखने जा रहा हु

शायद आपको पसंद आय ये कहानी एक काल्पनिक है .जिसे हम सपना कह सकते है.ये कहानी अपने ज्ञान के

आधार पर लिखने जा रहा हु शायद इस कहानी का दो चार दस भी पोस्ट लिखे जा सकते है .Adinational

 

प्रेम किसी से कहकर और बोलकर नहीं किया जाता है. बस ये हो जाता है.और ना ही इसमें जात पात

की भावना होती है. लेकिन आज कल प्यार के नाम पर हवस मिटाया जाता है. जो हम कह सकते है .की

हवस कों मिटाने के लिए दिखावा प्यार करते है.शायद ये पोस्ट आपको पसंद आया या ना क्योकि इसमें सचाई

है.प्यार दो दिलो का मिलन है.ना की उसके जिस्म के भूखे हो प्यार दो आत्माओं का मिलन होता है.तो आइये

जानते है .एक प्रेम कहानी | कहानी एक बन्दर का 

 

ये कहानी एक गाव से शुरू होती है


उस गाव का नाम था सपना उस गाव में रोजगार नाम का इंसान रहता था उसके एक लड़की थी जिसका सुलेखा

नाम था उसके पिताजी बहुत नेक दिल इंसान थे सुलेखा पढने में बहुत तेज थी दिन गुजरता गया देखते देखते

सुलेखा जवान हो गई सुलेखा के पिताजी लड़के ठुठने लगे सुलेखा की शादी के लिए एक बहुत सुन्दर घर मिला उसने

शादी तय कर दी उसकी शादी हो गई सुलेख बहुत सुन्दर और सुसील लड़की थी और उसका रहन सहन भी बहुत

 

अच्छा था समय बीतता गया शादी कों चार साल बित गय और उसके एक बच्चा भी हो गया इतने में सुलेखा के पति

का सेहत ख़राब हो गया उसके पथरी के सिकायत होने लगी की उसके पेट में पथरी हो गई है.

सुलेखा के पति दिन पर दिन दुबर होने लगा क्योकि उसका तबियत ठिक ठाक नहीं चल रही थी इसी तरह

कुछ दिन गुरने के बाद एक दिन की बात है.Adinational

सुलेखा का एक देवर था जिसका नाम था चंचल वह बहुत शरारती था एक दिन की बात है.सुलेखा अपने पति कों

अपने कमरे में सुलाकर घर से बाहर आई तो उसका मन कुछ और सोचने लगा.......

इसके आगे का कहानी अगले पोस्ट में जानेंगे सुलेखा कहानी का अगला पोस्ट में आगे की कहानी 

 
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